ऑप्टिकल मार्क रीडर (OMR – Optical Mark Reader) क्या है ?

 ऑप्टिकल मार्क रीडर (OMR – Optical Mark Reader) एक विशेष प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है, जो कागज पर बने विशिष्ट निशानों (जैसे काली पेंसिल या पेन से भरे गए बबल या चेकबॉक्स) को पहचानने और उन्हें डिजिटल डेटा में बदलने के लिए उपयोग किया जाता है। यह तकनीक मुख्य रूप से बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) परीक्षाओं, सर्वेक्षणों, मतपत्रों, और फॉर्म प्रोसेसिंग में व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाती है। 

OPTICAL मार्क रीडर क्या होता है |

 1.  OMR कैसे काम करता है ?

  •   प्रकाश का उपयोग: OMR डिवाइस कागज पर प्रकाश डालता है और परावर्तित प्रकाश को सेंसर के माध्यम से पढ़ता है। 
  •   मार्क डिटेक्शन: जहाँ उपयोगकर्ता ने निशान (मार्क) बनाया होता है, वहाँ प्रकाश का परावर्तन कम होता है। इस अंतर को पहचानकर OMR डेटा को डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करता है। 
  • प्रीडिफाइंड फॉर्मेट: OMR शीट में निशान बनाने के लिए पहले से निर्धारित स्थान (जैसे गोलाकार बबल या आयताकार बॉक्स) होते हैं। 

 2. OMR के मुख्य उपयोग (Applications) :-

1. शिक्षा क्षेत्र :-

  • MCQ परीक्षाओं के उत्तर पत्रों का मूल्यांकन (जैसे NEET, JEE, बोर्ड परीक्षाएँ)। 
  • छात्रों की उपस्थिति रिकॉर्ड। 

2. सर्वेक्षण और शोध :-

v  जनमत सर्वेक्षण, मार्केट रिसर्च, फीडबैक फॉर्म। 

3. चुनाव प्रक्रिया :-

v  मतपत्रों में मतदान के निशानों को पढ़ना।  

4. हेल्थकेयर :-

v  मरीजों के डेटा संग्रह और लैब टेस्ट फॉर्म प्रोसेसिंग। 

 3. OMR के फायदे (Advantages) :-

v   तेज प्रोसेसिंग: हजारों शीट्स को मिनटों में स्कैन कर सकता है। 

v   उच्च सटीकता: मानवीय त्रुटि की तुलना में अधिक विश्वसनीयता। 

v   लागत प्रभावी: बड़े पैमाने पर डेटा संग्रह के लिए किफायती। 

v   उपयोग में आसानी: विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता नहीं। 

 4. OMR की सीमाएँ (Limitations) :-

  •  प्रीडिफाइंड फॉर्मेट: केवल निर्धारित स्थानों पर बने निशान ही पढ़े जा सकते हैं। 
  •  मार्किंग की गुणवत्ता: धुंधले, अधूरे, या गलत निशान पढ़ने में त्रुटि हो सकती है। 
  • कागज की गुणवत्ता: गंदे या मुड़े हुए फॉर्म स्कैनिंग में बाधा डालते हैं। 

 5. OMR और OCR में अंतर (OMR vs. OCR) :-

  पैरामीटर

OMR

OCR (Optical Character Recognition)

उद्देश्य

निशानों (मार्क्स) को पहचानना।

टेक्स्ट या हैंडराइटिंग को पहचानना।

 उपयोग

MCQ शीट, सर्वे फॉर्म।

दस्तावेज़ स्कैनिंग, PDF से टेक्स्ट निकालना।

टेक्नोलॉजी

प्रकाश और सेंसरआधारित।

AI और पैटर्न रिकग्निशनआधारित।

  6. OMR प्रणाली के घटक (Components of OMR System) 

        1. स्कैनर डिवाइस: OMR शीट को स्कैन करता है। 

        2. सॉफ्टवेयर: डेटा को प्रोसेस करके रिपोर्ट जेनरेट करता है। 

        3. OMR शीट डिज़ाइन: विशेष सॉफ्टवेयर (जैसे Microsoft Excel, OMR Designer) से बनाई जाती है। 

 7. आधुनिक OMR तकनीक (Modern OMR Technology)  :-

  • डिजिटल OMR: मोबाइल ऐप्स या वेबआधारित टूल्स के माध्यम से OMR शीट स्कैन करना। 
  •   हाइब्रिड सिस्टम: OMR + OCR का संयोजन (जैसे फॉर्म में निशान और टेक्स्ट दोनों पढ़ना)। 
  • क्लाउडआधारित प्रोसेसिंग: डेटा को सीधे क्लाउड पर स्टोर और एनालाइज करना। 

8. OMR शीट बनाते समय ध्यान रखने योग्य बातें :-

  •   मार्किंग गाइडलाइन्स: उपयोगकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दें (जैसे "केवल काले बॉलपॉइंट पेन का उपयोग करें")। 
  •  कागज की क्वालिटी: गैरचमकदार और मोटे कागज का उपयोग करें। 
  •   टेस्ट रन: स्कैनिंग से पहले सैंपल शीट पर प्रोसेस की जाँच करें। 

 9. OMR के उदाहरण (Examples) :-

  •  NEET/JEE OMR शीट: छात्र इसमें उत्तरों के लिए बबल भरते हैं। 
  •   सरकारी सर्वेक्षण: जनगणना या योजना फीडबैक के लिए OMR फॉर्म। 
  •  लॉटरी टिकट: कुछ लॉटरी सिस्टम में OMR तकनीक का उपयोग होता है। 

 

 

 

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