OPTICAL कैरेक्टर रीडर क्या हैं
1. OCR कैसे
काम करता है ?
1. इमेज
कैप्चर :-
v दस्तावेज़ को स्कैनर या कैमरे से इमेज के रूप में कैप्चर
किया जाता है।
2. प्रीप्रोसेसिंग :-
v इमेज को साफ़ करना (Noise Removal)।
v टेक्स्ट एरिया को अलग करना (Text Detection)।
3. कैरेक्टर
रिकग्निशन :-
v AI और पैटर्न रिकग्निशन का उपयोग करके टेक्स्ट को पहचाना जाता
है।
v हस्तलिखित या छपे हुए अक्षरों को डिजिटल टेक्स्ट में बदला
जाता है।
4. पोस्टप्रोसेसिंग :-
v टेक्स्ट को सही फॉर्मेट में व्यवस्थित करना।
v स्पेलिंग और ग्रामर की जाँच करना।
2. OCR के
मुख्य उपयोग (Applications) :-
1. दस्तावेज़
डिजिटलीकरण:
v पुराने दस्तावेज़ों, किताबों, और रिकॉर्ड्स को डिजिटल
फॉर्मेट में बदलना।
2. डेटा
एंट्री ऑटोमेशन:
v फॉर्म, इनवॉइस, रसीदों से डेटा निकालना।
3. बैंकिंग
और वित्त:
v चेक, पासबुक, और वित्तीय दस्तावेज़ों को प्रोसेस करना।
4. शिक्षा:
v पीडीएफ या इमेज से टेक्स्ट निकालकर एडिट करना।
5. हेल्थकेयर:
v मरीजों के रिकॉर्ड और प्रिस्क्रिप्शन को
डिजिटल बनाना।
6. लॉ एंड
एडमिनिस्ट्रेशन:
v कानूनी दस्तावेज़ों को सर्च करने योग्य
बनाना।
3. OCR के
फायदे (Advantages)
v समय बचत: मैन्युअल डेटा एंट्री की
तुलना में तेज़।
v सटीकता: AIआधारित सिस्टम उच्च
सटीकता प्रदान करते हैं।
v डेटा सर्चेबल: स्कैन किए गए
दस्तावेज़ों में टेक्स्ट को सर्च किया जा सकता है।
v कागजी कार्यवाही कम
करना: डिजिटल स्टोरेज और प्रोसेसिंग।
4. OCR की
सीमाएँ (Limitations)
v हस्तलिखित टेक्स्ट: खराब हैंडराइटिंग को
पहचानने में कठिनाई।
v इमेज क्वालिटी: धुंधली या कम
रिज़ॉल्यूशन वाली इमेज में त्रुटियाँ।
v भाषा सीमाएँ: सभी भाषाओं और फॉन्ट्स
को सपोर्ट नहीं करता।
v फॉर्मेटिंग: टेबल, ग्राफ़िक्स, या कॉम्प्लेक्स लेआउट को
समझने में दिक्कत।
5. OCR और OMR में
अंतर (OCR vs. OMR)
|
पैरामीटर |
OCR |
OMR (Optical
Mark Recognition) |
|
उद्देश्य |
टेक्स्ट या हैंडराइटिंग
को पहचानना |
निशानों (मार्क्स) को
पहचानना। |
|
उपयोग |
दस्तावेज़ स्कैनिंग, PDF से टेक्स्ट। |
MCQ शीट, सर्वे फॉर्म। |
|
टेक्नोलॉजी |
AI और पैटर्न रिकग्निशनआधारित |
प्रकाश और सेंसरआधारित। |
6. OCR प्रणाली के घटक (Components of OCR System)
1. स्कैनर/कैमरा:
दस्तावेज़ को इमेज के रूप में कैप्चर करता है।
2. OCR सॉफ्टवेयर: टेक्स्ट को पहचानकर
डिजिटल फॉर्मेट में बदलता है।
3. आउटपुट
फॉर्मेट: टेक्स्ट को Word, PDF, या Excel में सेव करना।
7. OCR के
प्रकार (Types of OCR)
1. सिंपल
OCR: केवल स्टैण्डर्ड फॉन्ट्स
को पहचानता है।
2. इंटेलिजेंट
OCR
(ICR): हस्तलिखित टेक्स्ट को पहचानता है।
3. ऑनलाइन
OCR: वेबआधारित टूल्स (जैसे Google Docs,
OnlineOCR.net)।
4. ऑफलाइन
OCR: सॉफ्टवेयर (जैसे Adobe Acrobat,
ABBYY Fine Reader)।
8. OCR सॉफ्टवेयर
के उदाहरण (Examples of OCR Software) :-
1. Google Docs: इमेज या PDF से टेक्स्ट निकालने के
लिए।
2. Adobe Acrobat: PDF दस्तावेज़ों को एडिट करने
के लिए।
3. Tesseract OCR: ओपनसोर्स OCR इंजन (Google द्वारा विकसित)।
4. ABBYY Fine Reader: उच्च सटीकता वाला
व्यावसायिक OCR सॉफ्टवेयर।
9. OCR का
भविष्य (Future of OCR) :-
v AI और मशीन लर्निंग: हस्तलिखित टेक्स्ट और कॉम्प्लेक्स लेआउट को
बेहतर पहचानना।
v मल्टीलैंग्वेज सपोर्ट: विभिन्न भाषाओं और
स्क्रिप्ट्स को सपोर्ट करना।
v रियलटाइम OCR: मोबाइल ऐप्स के माध्यम से
तुरंत टेक्स्ट निकालना।
v क्लाउडआधारित OCR: बड़े पैमाने पर दस्तावेज़
प्रोसेसिंग।
10. OCR का
उपयोग करते समय ध्यान रखने योग्य बातें
v इमेज क्वालिटी: उच्च रिज़ॉल्यूशन और
साफ़ इमेज का उपयोग करें।
v भाषा सेटिंग: OCR सॉफ्टवेयर में सही भाषा
चुनें।
v फॉर्मेटिंग: टेक्स्ट को सही फॉर्मेट
में सेव करें।

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