नेटवर्क और डेटा सुरक्षा (Network and Data Security) |

नेटवर्क और डाटा सुरक्षा क्या है |

नेटवर्क और डेटा सुरक्षा (Network and Data Security) डिजिटल युग में सूचना और संसाधनों को अनधिकृत पहुंच, दुरुपयोग, या हमलों से बचाने के लिए महत्वपूर्ण है। यह दोनों क्षेत्र आपस में जुड़े हुए हैं, लेकिन इनके उद्देश्य और तकनीकें अलगअलग होती हैं।

1. नेटवर्क सुरक्षा (Network Security) :-

  • नेटवर्क सुरक्षा का उद्देश्य कंप्यूटर नेटवर्क, उसके इंफ्रास्ट्रक्चर, और डेटा ट्रांसमिशन को साइबर हमलों, हैकिंग, या अनाधिकृत एक्सेस से सुरक्षित रखना है। इसमें निम्नलिखित तकनीकें और उपाय शामिल हैं :-

 मुख्य घटक :-

  • फ़ायरवॉल (Firewall): नेटवर्क और बाहरी स्रोतों (इंटरनेट) के बीच एक सुरक्षा परत बनाता है। यह ट्रैफ़िक को मॉनिटर करके अनधिकृत एक्सेस को ब्लॉक करता है।
  • इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (IDS/IPS): नेटवर्क में संदिग्ध गतिविधियों को पहचानता है और उन्हें रोकता है।
  • वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN): डेटा को एन्क्रिप्ट करके सुरक्षित कनेक्शन प्रदान करता है।
  • एंटीवायरस/एंटीमैलवेयर: मैलवेयर, रैंसमवेयर, या वायरस को डिटेक्ट और डिलीट करता है।
  • नेटवर्क सेगमेंटेशन: नेटवर्क को छोटे हिस्सों (जैसे LAN, WAN) में बांटकर सुरक्षा बढ़ाता है।

 खतरे (Threats) :-

  • Dodos अटैक: नेटवर्क को ओवरलोड करके सेवाएं बाधित करना।
  • मैनइनदमिडिल (MITM): डेटा ट्रांसमिशन के बीच में हस्तक्षेप करना।
  • फ़िशिंग: झूठे लिंक या ईमेल के जरिए क्रेडेंशियल्स चुराना।

 2. डेटा सुरक्षा (Data Security) :-

  • डेटा सुरक्षा का लक्ष्य संवेदनशील जानकारी (जैसे पर्सनल डेटा, फाइनेंशियल रिकॉर्ड, बौद्धिक संपदा) को अनधिकृत एक्सेस, लीक, या नुकसान से बचाना है। यह डेटा के स्टोरेज, प्रोसेसिंग, और ट्रांसमिशन पर केंद्रित है।

 मुख्य तकनीकें :-

  • एन्क्रिप्शन (Encryption): डेटा को कोडेड फॉर्मेट में बदलना (जैसे AES, RSA)
  • एक्सेस कंट्रोल: रोलबेस्ड एक्सेस (RBAC) या बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के जरिए डेटा तक पहुंच सीमित करना।
  • डेटा मास्किंग: संवेदनशील डेटा को छुपाकर प्रदर्शित करना।
  • बैकअप और डिजास्टर रिकवरी: डेटा का नियमित बैकअप लेना और आपातकालीन योजना बनाना।
  • डेटा लॉस प्रिवेंशन (DLP): अनधिकृत डेटा ट्रांसफर को रोकने के लिए टूल्स।

 खतरे (Threats) :-

  • डेटा ब्रीच: हैकर्स द्वारा डेटा चोरी करना (जैसे क्रेडिट कार्ड डिटेल्स)।
  • इनसाइडर थ्रेट्स: संगठन के भीतर के लोगों द्वारा डेटा का दुरुपयोग।
  • रैंसमवेयर: डेटा को एन्क्रिप्ट करके फिरौती मांगना।

 नेटवर्क और डेटा सुरक्षा के बीच अंतर :-

     पैरामीटर                     नेटवर्क सुरक्षा                                   डेटा सुरक्षा                 

     फोकस                  नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा                डेटा की गोपनीयता और अखंडता      

      टूल्स                   फ़ायरवॉल, VPN, IDS/IPS                       एन्क्रिप्शन, DLP, एक्सेस कंट्रोल

      लक्ष्य                  नेटवर्क ट्रैफ़िक को सुरक्षित करना              डेटा को स्टोरेज/ट्रांसमिशन में सुरक्षित रखना

 सुरक्षा के लिए बेस्ट प्रैक्टिसेज :-

1. नियमित अपडेट: सॉफ़्टवेयर और सिस्टम को पैच करें।

2. मजबूत पासवर्ड: मल्टीफैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) का उपयोग करें।

3. यूजर ट्रेनिंग: फ़िशिंग और सोशल इंजीनियरिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाएं।

4. ऑडिट और मॉनिटरिंग: लॉग्स और एक्टिविटी पर नजर रखें।

5. कम्प्लायंस: GDPR, HIPAA, या PCIDSS जैसे नियमों का पालन करें।

  भविष्य की चुनौतियां :-

  • AI और मशीन लर्निंग: हैकर्स द्वारा स्मार्ट हमले, जबकि सुरक्षा टूल्स में भी AI का उपयोग।
  • क्लाउड सुरक्षा: हाइब्रिड और मल्टीक्लाउड वातावरण में डेटा प्रोटेक्शन।
  • IoT डिवाइसेज: कमजोर सुरक्षा वाले उपकरणों से जोखिम।
  • ज़ीरो ट्रस्ट आर्किटेक्चर: "कभी भरोसा मत करो, हमेशा सत्यापित करो" के सिद्धांत पर काम करना।

नोट :-


नेटवर्क और डेटा सुरक्षा एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें टेक्नोलॉजी, प्रक्रियाओं, और लोगों की जागरूकता का संतुलन जरूरी है। संगठनों को इसे प्राथमिकता देकर साइबर खतरों से निपटना चाहिए।

 

 

 

 

 

                                      


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